हवाएँ आई फिजाएं आई मौसम खुशनुमा दिग-दिगंत आया। तुम आई बसंत आया। हवाएँ आई फिजाएं आई मौसम खुशनुमा दिग-दिगंत आया। तुम आई बसंत आया।
कुछ लोग पूरी पूरी जिंदगी गुजार देते है एक दीदार के लिए कुछ लोग पूरी पूरी जिंदगी गुजार देते है एक दीदार के लिए
श्वेत समेट सारे रंगों को, मंद-मंद मुस्काता है। श्वेत समेट सारे रंगों को, मंद-मंद मुस्काता है।
तन्हाइयों का कुनबा बना कर बैठे थे हम वो आए मेरी उम्मीदों का काफिला लेकर, सांसो की बेच तन्हाइयों का कुनबा बना कर बैठे थे हम वो आए मेरी उम्मीदों का काफिला लेकर, स...
किनारे पर सागर के कुछ देर टहल आता है किनारे पर सागर के कुछ देर टहल आता है
दुनिया और परिवार को संभालते संभालते उसका शरीर भी थकता है। दुनिया और परिवार को संभालते संभालते उसका शरीर भी थकता है।